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|| भजन ||

शिव कैलाशों के वासी,

धौलीधारों के राजा,

शंकर संकटहरणा,

शंकर संकटहरणा ॥

तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,

तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,

अंत बेअंत तेरी माया,

ओ भोले बाबा,

अंत बेअंत तेरी माया ॥

शिव कैलाशों के वासी,

धौलीधारों के राजा,

शंकर संकटहरणा,

शंकर संकटहरणा ॥

बेल की पत्तियां भांग धतुरा,

बेल की पत्तियां भांग धतुरा,

शिव जी के मन को लुभायें,

ओ भोले बाबा,

शिव जी के मन को लुभायें ॥

शिव कैलाशों के वासी,

धौलीधारों के राजा,

शंकर संकटहरणा,

शंकर संकटहरणा ॥

एक था डेरा तेरा,

चम्बे रे चौगाना,

दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा,

ओ भोले बाबा,

दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा ॥

शिव कैलाशों के वासी,

धौलीधारों के राजा,

शंकर संकटहरणा,

शंकर संकटहरणा,

शंकर संकटहरणा ॥